कर्पूरगौरं करुणावतारं, संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे, भवं भवानीसहितं नमामि॥
कर्पूर के समान गौर, करुणा के अवतार, संसार के सार, नागों की माला धारण करने वाले, हृदय-कमल में सदा वास करने वाले भवानी सहित भगवान् शिव को मैं नमस्कार करता हूँ।
◆ शिव पंचाक्षर स्तोत्रम्
