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◆ पंचांग · योग

SACRED SHLOKAS

संस्कृत श्लोक व मंत्र

भगवान् शिव के प्रमुख श्लोक हिंदी अर्थ सहित

श्लोक 1

कर्पूरगौरं करुणावतारं, संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदावसन्तं हृदयारविन्दे, भवं भवानीसहितं नमामि॥

कर्पूर के समान गौर, करुणा के अवतार, संसार के सार, नागों की माला धारण करने वाले, हृदय-कमल में सदा वास करने वाले भवानी सहित भगवान् शिव को मैं नमस्कार करता हूँ।

शिव पंचाक्षर स्तोत्रम्

श्लोक 2

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

हम त्रिनेत्र भगवान् शिव की आराधना करते हैं जो सुगन्धित और पोषण देने वाले हैं। जैसे पका खरबूजा बेल से सहज मुक्त हो जाता है, वैसे ही हम मृत्यु के बन्धन से मुक्ति पाएँ, अमरत्व से नहीं।

महामृत्युंजय मंत्र · ऋग्वेद ७.५९.१२

श्लोक 3

ॐ नमः शिवाय। ॐ नमः शिवाय। ॐ नमः शिवाय॥

पंचाक्षर मंत्र — भगवान् शिव को नमस्कार। यह मंत्र सभी पापों का नाश कर मोक्ष प्रदान करता है।

यजुर्वेद · श्री रुद्रम्

श्लोक 4

वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं वन्दे जगत्कारणम्। वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं वन्दे पशूनां पतिम्॥

मैं उमापति देव, देवताओं के गुरु, जगत् के कारण, नागभूषण, मृगधारी, पशुओं के स्वामी भगवान् शिव को प्रणाम करता हूँ।

शिव मानस पूजा

श्लोक 5

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै न काराय नमः शिवाय॥

नागराज को हार बनाने वाले, तीन नेत्रों वाले, भस्म धारण करने वाले, महेश्वर, नित्य, शुद्ध, दिगम्बर स्वरूप — उस 'न' कार रूप शिव को नमन।

शिव पंचाक्षर स्तोत्रम्